इतिहास
बिड़ला हाउस के प्रारंभिक वर्ष
गांधी स्मृति की इमारत 1928 में उद्योगपति घनश्याम दास बिड़ला ने बनवाई थी। गांधीजी के करीबी साथी बिड़ला ने इसे बनवाया था और दिल्ली में गांधीजी के ठहरने के दौरान यह उनका नियमित निवास रहा।
बिड़ला हाउस में गांधीजी के अंतिम दिन
भारत की आजादी के बाद, 1947 में, गांधीजी बिड़ला हाउस में स्थायी रूप से रहने लगे। उन्होंने नवगठित और विभाजित राष्ट्र में शांति और एकता को बढ़ावा देने के लिए काम किया। जनवरी 1948 में उन्होंने विभाजन के बाद की सांप्रदायिक हिंसा को शांत करने के लिए उपवास किए।
हत्या और उसका परिणाम
30 जनवरी 1948 को गांधीजी बिड़ला हाउस के बगीचों में अपनी दैनिक प्रार्थना सभा के लिए जा रहे थे, जब नाथूराम गोडसे ने उन्हें गोली मार दी। घटनास्थल को शहीद स्तम्भ नामक छोटे मंडप से चिह्नित किया गया है।
गांधी स्मृति में परिवर्तन
गांधीजी की हत्या के बाद बिड़ला हाउस को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में संरक्षित करने की इच्छा व्यक्त की गई। 1971 में बिड़ला परिवार ने संपत्ति भारत सरकार को सौंप दी। 1973 में इसे औपचारिक रूप से गांधी स्मृति नाम से राष्ट्रीय स्मारक के रूप में समर्पित किया गया।
गांधी स्मृति का महत्व
गांधी स्मृति गांधीजी के जीवन, शिक्षाओं और विरासत को जीवित स्मृति के रूप में प्रस्तुत करती है। यह श्रद्धांजलि देने और उनके संदेश से प्रेरणा लेने आने वाले लोगों के लिए तीर्थ स्थल भी है।
गांधी स्मृति और दर्शन समिति, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के तहत एक स्वतः संचालित निकाय है। यह स्मारक का प्रबंधन करती है और कार्यक्रमों, प्रदर्शनों तथा प्रकाशनों के माध्यम से गांधीवादी मूल्यों को बढ़ावा देती है। यहाँ गांधीजी की निजी वस्तुओं, तस्वीरों और पत्रों का संग्रह उनके सरल जीवन की झलक देता है। यह स्थल शांति और अहिंसा का प्रतीक है तथा सत्य, प्रेम और अहिंसा में गांधीजी के विश्वास की याद दिलाता है।
क्या देखें
गांधीजी के अंतिम दिनों से जुड़े स्थल
परिसर में गांधीजी का कमरा, शहीद स्तम्भ और उनकी अंतिम प्रार्थना सभा से जुड़े कदम शामिल हैं। गांधीजी की हत्या का स्थान शहीद स्तम्भ से चिह्नित है।
मल्टीमीडिया संग्रहालय
इटरनल गांधी मल्टीमीडिया म्यूजियम गांधीजी के जीवन को प्रस्तुत करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करता है। इसकी प्रदर्शनी इंटरएक्टिव रूप में उनके जीवन, दक्षिण अफ्रीका में उनके समय और भारत के लिए उनके दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती है।
आर्ट गैलरी, लाइब्रेरी और बगीचे
गांधी स्मृति आर्ट गैलरी, गांधी स्मृति और दर्शन समिति लाइब्रेरी तथा शांत बगीचे परिसर की अन्य सुविधाओं में शामिल हैं।
आगंतुक जानकारी
दर्शन घंटे और टिकट
उपलब्ध जानकारी में दर्शन के घंटे और टिकट का निश्चित मूल्य नहीं दिया गया है।
वहाँ कैसे पहुँचें
उपलब्ध यात्रा विकल्पों में मेट्रो, बस, टैक्सी या ऑटो-रिक्शा तथा कार शामिल हैं। स्थल नई दिल्ली में कृषक तात्कालीक मार्ग (Teez January Marg) पर स्थित है।
प्रवेश की सुविधा
व्हीलचेयर की उपलब्धता, दृष्टिहीन आगंतुकों के लिए सहायता, श्रवण बाधा सहायता और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
यात्रा सुझाव
भीड़ से बचने के लिए सुबह जल्दी पहुँचने पर विचार करें।
निकटवर्ती आकर्षण
नई दिल्ली के आसपास के ऐतिहासिक स्थलों का उल्लेख है, लेकिन उनके नाम उपलब्ध जानकारी में नहीं दिए गए हैं।
FAQs
गांधी स्मृति के दर्शन घंटे क्या हैं?
उपलब्ध जानकारी में दर्शन के घंटे नहीं बताए गए हैं।
क्या गांधी स्मृति में प्रवेश शुल्क है?
प्रवेश शुल्क की निश्चित जानकारी उपलब्ध नहीं है।
गांधी स्मृति की यात्रा करने का सबसे अच्छा समय क्या है?
भीड़ से बचने के लिए सुबह जल्दी आने पर विचार करें।