Saintes

फ़्रान्स अपडेट किया गया Oct 2026

फ़्रान्स का सैंत अपना रोमन रंगभूमि-गृह एक हरी-भरी घाटी में सँजोए हुए है; यहाँ खंडहर अलग-थलग स्मारक नहीं, बल्कि नगर के रोज़मर्रा के भूगोल का हिस्सा लगते हैं। अखाड़ा 126 गुणा 102 मीटर का है—लगभग एक फ़ुटबॉल मैदान जितना लंबा—और कभी इसमें 15,000 दर्शकों तक की जगह थी। पूर्वी द्वार से ग्लैडिएटर प्रवेश करते थे; पश्चिमी द्वार को मृतकों का द्वार कहा जाता था।

Saintes, फ़्रान्स फ़ोटो: Cobber17 · CC BY-SA 3.0
आकर षण
10
ऑडियो
1 h 14 min
य त र क अवध
2–3 दिन
सबस अच छ म सम
मई–जून और सितंबर–अक्टूबर की शुरुआत

क्यों Saintes

उद्धृत स्रोतों से बनाया गया · तरीका देखें · हम अपनी गाइड कैसे बनाते हैं →

रोमन सैंत की छाप आज भी शारांत नदी के किनारे दिखती है: 18–19 ईस्वी में बनाया गया जर्मैनिकस का मेहराब कभी नदी पार करने के स्थान पर खड़ा था। 1843 में लेखक और धरोहर निरीक्षक प्रोस्पेर मेरिमे ने इसे पत्थर-दर-पत्थर प्लास बासोंपिएर ले जाकर गिराए जाने से बचाने में मदद की।

शहर का बाद का इतिहास भी इसके गिरजाघरों में जीवित है। सेंट-यूट्रोप की विशाल रोमानस्क तहख़ाना-गुफा में संत का ताबूत रखा है, जबकि 1047 में स्थापित आबे ओ दाम अब अपने रोमानस्क गिरजाघर और आँगनों को संगीत से भरता है—खासकर जुलाई में होने वाले सैंत महोत्सव के दौरान।

बाज़ार की सुबह सेंट-पियेर कैथेड्रल के आसपास की गलियों में रोटी, समुद्री भोजन और पके हुए शारांत खरबूजों की महक फैली रहती है; नदी के उस पार आबे ओ दाम सैं-पैले को शांत, गाँव-जैसा एहसास देता है। सैंत कोई ऐसा रोमन स्थल नहीं जिसके साथ बाद में आधुनिक शहर जोड़ दिया गया हो: इसका अतीत आज भी नगर की रोज़मर्रा की लय का हिस्सा है।

  • नदी घाटी में बसा रोमन शहर

    सैंत कभी मेडिओलानुम सैंटोनुम था। पहली सदी का इसका रंगभूमि-गृह आज भी वलॉं दे ज़ारेन के प्राकृतिक कटोरेनुमा भूभाग के अनुरूप है: यह 126 मीटर लंबा है और इसमें 15,000 दर्शकों तक के बैठने की जगह थी। शारांत नदी के किनारे जर्मैनिकस का मेहराब 18–19 ईस्वी से खड़ा है; प्रोस्पेर मेरिमे ने 1843 में इसे पत्थर-दर-पत्थर हटवाने की व्यवस्था की।
  • तीर्थयात्रियों के लिए तराशे गए पत्थर

    सेंट-यूट्रोप में विशाल रोमानस्क तहख़ाना-गुफा, बाद में बने गोथिक गिरजाघर के नीचे संत का ताबूत सँजोए हुए है; यह बेसिलिका फ़्रान्स में सैंटियागो दे कॉम्पोस्तेला के मार्गों की यूनेस्को विश्व धरोहर का हिस्सा है। नदी के उस पार 1047 में स्थापित आबे ओ दाम, हर जुलाई अपने गंभीर मठ-प्रांगण की जगह संगीत से भर उठता है।
  • जहाँ मठ संगीत सुनाता है

    आबे ओ दाम अब ला सिते म्यूज़िकल है, जहाँ सैंत महोत्सव और उसके प्राचीन, बारोक तथा शास्त्रीय संगीत के कार्यक्रम होते हैं। म्यूज़िकावेंचर की स्थानिक-ध्वनि वाली सैर से आप मठ की रोमानस्क नक्काशियों को देखने के साथ-साथ उसकी स्थापत्य-कला को सुन भी सकते हैं।
  • पैदल चलने की रफ़्तार से शारांत

    नदी पुराने शहर और सार्वजनिक उद्यान के छायादार रास्तों के पास से मुड़ती हुई बहती है, जिससे सैंत के पत्थर के स्मारकों के बीच धीमे जीवन की झलक मिलती है। अप्रैल से नवंबर तक, सौर ऊर्जा से चलने वाली बर्नार पालिसी तृतीय दर्शनीय जलयात्राओं पर शारांत नदी में चलती है।

घूमने की जगहें

हर स्मारक नहीं, बस वही जिनसे होकर हम खुद आपको लेकर गुज़रते।

Saintes की सभी 13 जगहें

मोहल्ले

कहाँ घूमें, इलाक़े के हिसाब से — हर एक की अपनी एक लय।

  • सेंट-पियेर मुहल्ला

    ऐतिहासिक केंद्र सेंट-पियेर कैथेड्रल के आसपास बसा है। यहाँ पत्थर बिछी सँकरी गलियाँ, आँगन और 16वीं से 18वीं सदी की निजी हवेलियाँ हैं। बुधवार और शनिवार को प्लास सेंट-पियेर का बाज़ार समुद्री भोजन, बकरी का पनीर और मौसमी उपज लेकर आता है।
  • सैं-पैले मुहल्ला

    शारांत नदी के उस पार स्थित यह रिहायशी मुहल्ला आबे ओ दाम के इर्द-गिर्द बसा है, जिसका रोमानस्क गिरजाघर और पुराने कॉन्वेंट की इमारतें इस इलाके की पहचान हैं। आवेन्यू गाम्बेता और पास का बाज़ार इसे रोज़मर्रा के कारीगर-गाँव जैसा रंग देते हैं।
  • कूर नैसियोनाल और प्लास बासोंपिएर

    नदी किनारे का यह इलाका शहर का सामाजिक बैठक-कक्ष है: चौड़े फुटपाथ, कैफ़े की खुली बैठकें और सहज माहौल वाले छोटे भोजनालय जर्मैनिकस के मेहराब के पास हैं। देर दोपहर पेय के लिए आएँ, फिर भोजन के लिए सेंट-पियेर की पुरानी गलियों में जाएँ।
  • सैं-लुई

    ऊँची सैं-लुई पहाड़ी ऐतिहासिक केंद्र के ऊपर उठती है; इस जगह पर पहले मध्ययुगीन क़िला और बाद में पुराना अस्पताल था। लोगी दु गूवेर्नर के दृश्य-बिंदु से शारांत नदी के मोड़ के पार टेराकोटा की छतों और सेंट-पियेर कैथेड्रल को निहारें।

अपनी यात्रा की योजना

जाने से पहले

सैंत कैसे पहुँचें
सैंत में कोई व्यावसायिक हवाई अड्डा नहीं है; निकटतम सुविधाजनक विकल्प ला रोशेल–ईल द रे हवाई अड्डा (LRH), लगभग 75 किमी दूर, और बोर्डो–मेरिन्याक हवाई अड्डा (BOD), लगभग 130 किमी दूर हैं। मुख्य रेलवे स्टेशन गार दे सैंत है; LRH से आमतौर पर ला रोशेल-विल होकर रेल संपर्क मिलता है, जबकि बोर्डो की रेलगाड़ियाँ बोर्डो-सैं-जाँ से चलती हैं। सड़क से ए10 मार्ग के निकास 35 पर सैंत पहुँच सकते हैं; एन141 कोन्याक और आंगूलेम की ओर तथा एन150 रोयाँ की ओर जाता है।
शहर में आवागमन
सैंत में मेट्रो, भूमिगत रेल या ट्राम नहीं है—कुल शून्य मार्ग; स्थानीय बसें बुस नेटवर्क पर चलती हैं और क्षेत्रीय बसें रोयाँ तथा सैं-जाँ-दाँजेली जैसे नगरों तक जाती हैं। 2026 की बुस सूची में एकल यात्रा का टिकट 1.20 € और मासिक पास लगभग 36.50 € का है; पूरे शहर में लागू पर्यटक परिवहन पास की पुष्टि नहीं है। ऐतिहासिक केंद्र पैदल घूमने योग्य है और ला फ़्लो वेलो (V92) नगर से होकर गुजरता है; इसमें कोन्याक तक लगभग 39 किमी का मार्ग शामिल है।
जलवायु और घूमने का सबसे अच्छा समय
सैंत की जलवायु महासागरीय है: सर्दियों में आम तौर पर अधिकतम और न्यूनतम तापमान 9–11°C और 3–4°C, वसंत में 14–21°C और 5–10°C, गर्मियों में 25–28°C और 14–16°C तथा पतझड़ में 13–23°C और 6–12°C रहता है। बारिश साल भर होती है; जुलाई सबसे कम बारिश वाले महीनों में और नवंबर सबसे अधिक बारिश वाले महीनों में है। मई से जून और सितंबर से अक्टूबर की शुरुआत तक मौसम सुहावना रहता है और चरम पर्यटन मौसम की भीड़ कम होती है, जबकि जुलाई और अगस्त सबसे व्यस्त होते हैं और इसी दौरान फ़ेस्टिवाल दे सैंत आयोजित होता है।
भाषा और मुद्रा
रोज़मर्रा की भाषा फ़्रांसीसी है। छोटे कैफ़े या दुकानों की तुलना में पर्यटक कार्यालय और प्रमुख स्मारकों पर अंग्रेज़ी बोलने वाले मिलने की संभावना अधिक है। मुद्रा यूरो (€) है; कोई अनुरोध करते समय “बोंजूर” कहकर शुरुआत करें और बाज़ार से खरीदारी के लिए थोड़ा नकद साथ रखें।

सैंत: रोम के पत्थर, शाराँत की स्मृतियाँ

सेल्टिक नदी-प्रदेश से लेकर साम्राज्य, आस्था, युद्ध और पानी से नए सिरे से बने शहर तक

  1. लगभग 5000 ईसा पूर्व

    शाराँत नदी के किनारे बसावट

    आधुनिक सैंत के पास दिकोंश में मिले पुरातात्विक अवशेष शाराँत नदी के जलग्रहण क्षेत्र में नवपाषाणकालीन बसावट का संकेत देते हैं। रोमन सड़क बनने से बहुत पहले ही नदी लोगों को यहाँ खींच लाई थी।

  2. लगभग 20 ईसा पूर्व

    मेदिओलानुम का आकार लेना

    रोमन योजनाकारों ने सांतोन लोगों के बीच मेदिओलानुम सांतोनुम बसाया और इस बस्ती को मैदान के एक केंद्रीय नगर का नाम दिया। विया अग्रिप्पा से जुड़कर यह गालिया अक्वितानिया प्रांत की शुरुआती राजधानी बना।

  3. 18–19 ईस्वी

    नदी पर बना मेहराबदार स्मारक

    शाराँत नदी के पार जाने के स्थान पर दो मेहराबों वाला एक स्मारक खड़ा हुआ, जहाँ विया अग्रिप्पा नदी तक पहुँचती थी। उस पर तराशे गए पत्थर ने मेदिओलानुम पहुँचने वाले यात्रियों के सामने रोमन सत्ता की घोषणा की।

  4. सक्रिय लगभग 18–19 ईस्वी

    कायुस जूलियस रूफुस

    एक अभिलेख में रूफुस की पहचान सांतोन लोगों में से रोमन संस्कृति अपनाने वाले गॉल निवासी के रूप में की गई है, जिन्होंने नदी पर बने मेहराबदार स्मारक के निर्माण के लिए धन दिया था। उन्होंने इसे तिबेरियस, ड्रूसस और जर्मानिकुस को समर्पित किया और स्थानीय प्रतिष्ठा को टिकाऊ पत्थर में दर्ज कराया।

  5. 41–54 ईस्वी

    अखाड़े का उद्घाटन

    निर्माताओं ने तिबेरियस के शासन में सैंत का रंगभूमि-अखाड़ा बनाना शुरू किया और क्लॉडियस के शासनकाल में इसे पूरा किया। इसका अंडाकार अखाड़ा 126 गुणा 102 मीटर था और इसमें लगभग 15,000 दर्शक बैठ सकते थे; पूर्वी द्वार से जुलूस भीतर आते थे, जबकि पश्चिमी द्वार से मृतकों को बाहर ले जाया जाता था।

  6. पहली शताब्दी ईस्वी

    शहर तक पहुँचा पानी

    एक जलसेतु फ़ों मोरियोँ, ले दूए और वेनराँ के झरनों से पानी शहर के फव्वारों और स्नानगृहों तक पहुँचाता था। सैं-साल्वेन के खंडहरों में आज भी गर्म-कक्ष परिसर का कुछ हिस्सा दिखाई देता है, जहाँ रोमन स्नानार्थी कभी गर्म हवा से भाप वाले कक्ष में जाते थे।

पूरी समयरेखा देखें (30 पल)
  1. लगभग 250 ईस्वी

    परंपरा में संत यूत्रोपियुस

    ईसाई परंपरा के अनुसार, सैंत के पहले बिशप के रूप में याद किए जाने वाले यूत्रोपियुस तीसरी शताब्दी के मध्य के आसपास शहर में रहे थे। इसी परंपरा में कहा गया है कि उन्हें यहीं शहीद किया गया; बाद में उनकी समाधि मानी जाने वाली जगह पर बने गिरजाघर ने तीर्थयात्रियों को आकर्षित किया।

  2. लगभग 270–300 ईस्वी

    शहर दीवारों के भीतर सिमटा

    हमलों और अस्थिरता के बाद सैंत शाराँत नदी के बाएँ किनारे पर एक किलेबंद बस्ती तक सिमट गया। निर्माताओं ने पत्थरों के लिए पुराने स्मारकों को तोड़ा, इसलिए रोमन शहर के हिस्से उसकी रक्षात्मक दीवारों का हिस्सा बन गए।

  3. 507

    विसिगोथ शासन की जगह फ़्रैंक शासन

    वूइये में क्लोविस द्वारा विसिगोथों को हराने के बाद सैंत विसिगोथ राज्य से निकलकर फ़्रैंक शासन के अधीन आ गया। इस बदलाव ने नगर को मेरोविंजियाई राज्य के प्रभावक्षेत्र में ला दिया, हालाँकि रोमन दीवारें और गिरजाघर रोज़मर्रा के जीवन का हिस्सा बने रहे।

  4. 845–865

    वाइकिंग हमले सैंत तक पहुँचे

    वाइकिंग हमलावर बार-बार शाराँत नदी से ऊपर की ओर नौकाएँ लेकर आए और सैंत तथा उसके धार्मिक समुदायों पर धावा बोला। आग और लूटपाट के निशान ऐसे थे जिनका लिखित अभिलेखों में शायद ही विस्तार से वर्णन हुआ; शुरुआती मठीय अभिलेखागार भी नष्ट हो गए।

  5. 1047

    अबे ओ दाम की स्थापना

    काउंट जॉफ्रुआ द्वितीय मार्तेल और उनकी पत्नी, बर्गंडी की एग्नेस ने अबे ओ दाम की स्थापना की, जिसका अभिषेक 2 नवंबर 1047 को हुआ। इसके गिरजाघर और कॉन्वेंट ने सैंत को महिलाओं द्वारा संचालित एक शक्तिशाली बेनेडिक्टाइन मठ दिया, जहाँ नदी के पास रोमानस्क शैली की पत्थरकारी उभरी।

  6. 1096

    तीर्थयात्रियों के लिए एक गिरजाघर

    पोप अर्बन द्वितीय ने संत की समाधि मानी जाने वाली जगह के ऊपर बने पुनर्निर्मित सेंट-यूत्रोपियुस गिरजाघर का अभिषेक किया। सैंटियागो दे कोम्पोस्तेला जाने वाले विया तुरोनेसिस मार्ग पर स्थित इसकी तहखानी में तीर्थयात्रियों को अवशेषों तक पहुँचने के लिए ठंडी, नीची छत वाली जगह मिलती थी।

  7. 1152

    सैंत अंजेविन शासन के अधीन आया

    एक्वितानिया की एलेनोर के हेनरी प्लांटाजेनेट से विवाह के बाद सैंत समेत उनकी भूमि अंजेविन अधीन प्रदेशों में शामिल हो गई। शाराँत नदी का यह नगर अब अंग्रेज़ों के अधीन एक्वितानिया और फ़्रांसीसी राजसत्ता के बीच विवादित सीमांत क्षेत्र में था।

  8. 1242

    सैंतोन्झ युद्ध का रुख बदला

    लुई नौवें की सेनाओं ने तायबूर्ग में हेनरी तृतीय और उनके सहयोगियों को हराया और फिर सैंत के पास विजय हासिल की। हेनरी बोर्डो की ओर भागे और सैंत ने फ़्रांसीसी राजसत्ता के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, जिससे सैंतोन्झ में अंग्रेज़ी महत्वाकांक्षाओं पर रोक लगी।

  9. 1360

    सैंत फिर इंग्लैंड के अधीन

    ब्रेतिनी की संधि ने सैंत को एडवर्ड तृतीय को सौंप दिया और नगर आंग्ल-गैस्कन शासन के अधीन आ गया। शाराँत नदी पर निष्ठा का बदलना कोई अमूर्त बात नहीं थी: इसका मतलब था नए अधिकारी, नए कर और व्यापारियों के लिए नई अनिश्चितता।

  10. 1372–1453

    फ़्रांसीसी शासन बहाल हुआ

    एक व्यापक फ़्रांसीसी जवाबी अभियान के दौरान बर्त्राँ दु गे़स्क्लैं ने 1372 में चार्ल्स पाँचवें के लिए सैंत को वापस जीत लिया। 1453 में कास्तियों में अंग्रेज़ों की अंतिम हार तक नगर का राजसत्ता में लौटना कायम रहा।

  11. लगभग 1539

    बर्नार पालिसी ने अपने चमकीले रंग पकाए

    कुम्हार और प्रकृतिविद् बर्नार पालिसी ने अपने विशिष्ट तामचीनी चमक-लेप को बेहतर बनाने की कोशिश में सैंत में कई साल बिताए। बाद में उन्होंने याद किया कि इस खोज में उन्होंने फर्नीचर और ईंधन तक जला डाला था; इन प्रयोगों ने उनके उस जीवनवृत्त का शुरुआती अध्याय रचा, जो फ़्रांसीसी दरबार तक पहुँचा।

  12. 1548

    पितो किसानों ने नमक कर का विरोध किया

    सैंतोन्झ भर के किसानों ने नमक कर, जिसे गाबेल कहा जाता था, के खिलाफ विद्रोह किया। यह बगावत झाकरी दे पितो के नाम से याद की जाती है। कॉन्स्टेबल आन दे मोरेमोंसी ने विद्रोह को कुचल दिया और नमक पैदा करने वाले क्षेत्र में राजस्व वसूली की कीमत का कठोर संदेश छोड़ दिया।

  13. 1568

    सेंट-पियेर गिरजाघर में लूटपाट

    धर्मयुद्धों के दौरान प्रोटेस्टेंट सैनिकों ने सैंत पर कब्ज़ा कर रोमानस्क शैली के सेंट-पियेर गिरजाघर को लूट लिया। इसकी मुख्य कक्ष और छतें ढह गईं; 1585 में पुनर्निर्माण शुरू हुआ, जिससे गिरजाघर को बाद में गोथिक और पुनर्जागरणकालीन रूप मिला।

  14. 1685

    ह्यूगेनॉटों का पलायन

    लुई चौदहवें ने नांत का राजादेश रद्द कर दिया और फ़्रांसीसी प्रोटेस्टेंटों से कानूनी सुरक्षा छीन ली। ह्यूगेनॉट कारीगर और व्यापारी सैंत छोड़कर इंग्लैंड, नीदरलैंड और उत्तर अमेरिका चले गए तथा अपने साथ हुनर और घरेलू ज्ञान भी ले गए।

  15. 1738

    जोसेफ़-इन्हास गियों का जन्म

    जोसेफ़-इन्हास गियों का जन्म 28 मई 1738 को सैंत में हुआ था। वे चिकित्सक बने और बाद में पेरिस में सांसद भी रहे। 1789 में उन्होंने मृत्युदंड देने की एक समान यांत्रिक विधि का प्रस्ताव रखा; उनके नाम पर पड़ा उपकरण उनकी विरासत के कहीं अधिक अंधकारमय हिस्से से जुड़ा है।

  16. 1790

    सैंत बना प्रांत की राजधानी

    क्रांति ने सैंत को नए शाराँत-इन्फ़ेर्योर प्रांत का पहला प्रीफ़ेक्चर बनाया। मठों की संपत्ति का राष्ट्रीयकरण किया गया, अबे ओ दाम को हिरासत स्थल बनाया गया और शहर के किनारों से पुरानी प्राचीरें हटने लगीं।

  17. 3 जुलाई 1810

    ला रोशेल को मिला प्रीफ़ेक्चर

    नेपोलियन ने शाही आदेश द्वारा प्रांत का प्रीफ़ेक्चर सैंत से ला रोशेल स्थानांतरित कर दिया। सैंत उप-प्रीफ़ेक्चर बना रहा; यह राजनीतिक अवनति अटलांटिक बंदरगाह के बढ़ते महत्व को दर्शाती थी।

  18. 14–18 जनवरी 1843

    शाराँत की बाढ़ ने नगर को डुबोया

    नदी का जलस्तर सामान्य से लगभग सात मीटर ऊपर चढ़ गया, जिससे सैं-पाले मुहल्ला अलग-थलग पड़ गया और निचली सड़कें डूब गईं। बाढ़ ने पुलों और नदी के बहाव को लेकर नए विवाद खड़े किए; सैंत में शहरी नियोजन में पानी की बात हमेशा सुनी जाती रही है।

  19. 1843–1851

    प्रोस्पेर मेरिमे ने मेहराबदार स्मारक बचाया

    लेखक और स्मारक निरीक्षक प्रोस्पेर मेरिमे ने नदी पार जाने के रास्ते पर काम के दौरान जर्मानिकुस के मेहराबदार स्मारक को ढहाने की योजना का विरोध किया। 1843 में मज़दूरों ने उसे एक-एक पत्थर करके खोला और 1851 में प्लास बासोंपिएर पर फिर से बनाया। इस तरह प्राचीन प्रवेशद्वार को उसके मूल स्थान से हटाकर बचाया गया।

  20. 1867

    रेलवे ने सैंत का रूप बदला

    सैंत कम्पान्य दे शेमें दे फ़ेर दे शाराँत का मुख्यालय बना, जिससे मरम्मत-कारखाने, रेलवे की नौकरियाँ और नया औद्योगिक जीवन आया। मरम्मत के काम की आवाज़ शहर की पुरानी ध्वनियों—गिरजाघरों की घंटियों और नदी के यातायात—में शामिल हो गई।

  21. 24 जून–4 सितंबर 1944

    बमबारी, प्रतिरोध और मुक्ति

    जर्मन सेनाओं ने 1940 से सैंत पर कब्ज़ा कर रखा था और सैन्य रसद के लिए इसके रेल-संगम का इस्तेमाल करती थीं। मित्र देशों के बमों ने 24 जून को रेलवे मरम्मत-कारखानों पर हमला किया; 4 सितंबर को जर्मन टुकड़ियों के अटलांटिक तट की ओर पीछे हटने के दौरान फ़्रांसीसी प्रतिरोध सेनाओं ने शहर को मुक्त कराया।

  22. 1972

    मठ में संगीत गूँजा

    अबे ओ दाम के पुनरुद्धार और संगीत के माध्यम से नया जीवन पाने के साथ ही फ़ेस्टिवाल दे सैंत शुरू हुआ। मठ, बैरक और जेल के रूप में काम कर चुके प्राचीन पत्थर अब प्राचीन और शास्त्रीय संगीत का गूँजता हुआ घर बन गए।

  23. 9 दिसंबर 1982

    शाराँत फिर उफनी

    9 दिसंबर को बाढ़ का पानी 6.35 मीटर तक पहुँच गया और भीतरी शहर के कुछ हिस्सों तथा व्यावसायिक सड़कों को डुबो दिया। 1994 और 2021 में जलस्तर के बाद के शिखरों ने उसी असहज सच की याद दिलाई: सैंत के रोमन स्मारक और आधुनिक मुहल्ले एक ही नदी के धीरज को साझा करते हैं।

  24. 2015–2023

    रोमन स्मारकों की देखभाल

    2015 से 2023 के दौरान रंगभूमि-अखाड़े और रोमन स्नानगृहों में किए गए काम से उनका संरक्षण और लोगों की पहुँच बेहतर हुई। अखाड़े में मौसम से घिसे पत्थर और खुला आसमान आज भी रोमन सैंत के विस्तार को किसी भी नक्शे से बेहतर समझाते हैं।

कौन यहाँ रहा

  • चिकित्सक और राजनीतिज्ञ · 1738–1814

    जोसेफ़-इन्हास गियोटां

    सैंत में जन्मे

    गियोटां का जन्म 1738 में सैंत में हुआ था—उनके नाम का इस्तेमाल उनके द्वारा सुझाई गई फाँसी की अधिक एकरूप विधि के एक उपकरण के पर्याय के रूप में होने से बहुत पहले। जिस शहर के रोमन अखाड़े में कभी सार्वजनिक हिंसा का प्रदर्शन होता था, वहाँ प्राचीन पत्थरों के बीच उनकी विरासत कुछ असहज लगती है।

  • लेखक और ऐतिहासिक धरोहर निरीक्षक · 1803–1870

    प्रोस्पेर मेरिमे

    1843 में आर्क द जेर्मानिकुस को बचाने में मदद की

    1843 में मेरिमे ने पुराने पुल से प्लास बासपियर तक आर्क द जेर्मानिकुस को पत्थर-दर-पत्थर हटवाने की निगरानी करके उसे बचाने में मदद की। आज के सैंत को वे धैर्यपूर्वक संरक्षण की मिसाल मान सकते थे, हालाँकि मेहराब की मौजूदा जगह उसके मूल स्थान से बहुत अलग है।

  • लेखिका और पत्रकार · 1925–2024

    मादलेन शाप्साल

    सैंत में परिवार का घर बनाए रखा और लेखन किया

    शाप्साल ने र्यू सेंट-मौर में अपने परिवार की हवेली बनाए रखी, वहीं लेखन किया और स्थानीय साहित्यिक गोष्ठियाँ शुरू करने में मदद की। सैंत उनके लिए केवल पैतृक पृष्ठभूमि नहीं था; यह उनका कामकाजी ठिकाना भी था। इसकी पुरानी गलियाँ आज भी किसी नई बातचीत के लिए सामग्री दे सकती हैं।

  • कवि और नाटककार · 1877–1952

    मार्क-आन्री एवारिस्त प्वातवां

    सैंत में निधन हुआ

    गूलेबेनेज़ के नाम से प्रसिद्ध प्वातवां ने कविताओं और मंच प्रस्तुतियों के ज़रिए सैंतोंजे बोली को लोगों तक पहुँचाया; 1952 में सैंत में उनका निधन हुआ। आज वे शहर के स्थानीय लहजे को सुनते, फिर शायद उसके स्मारकों पर ध्यान देते।

कहाँ खाएं

जहाँ स्थानीय लोग सचमुच रात का खाना बुक करते हैं — पर्यटक मेन्यू नहीं।

अंदरूनी सुझाव

छोटी-छोटी बातें जो बदल देती हैं कि शहर आपके साथ कैसा बर्ताव करता है।

  • पैदल घूमें पुराना केंद्र

    आर्क द जेर्मानिकुस, रोमन अखाड़ा और सेंट-यूट्रोप बैसिलिका पैदल आम तौर पर एक-दूसरे से 15–20 मिनट की दूरी पर हैं। खासकर पुराने शहर की पथरीली गलियों में चलने के लिए आरामदायक जूते पहनें।
  • बस्स से सफ़र करें

    एकल बस टिकट की कीमत €1.20 बताई गई है; माँग पर मिलने वाली अलो'बस सेवा की सवारी में €0.20 अतिरिक्त लगते हैं। यात्रा से पहले परिवहन संचालक के किराया-पृष्ठ पर जाँच लें, क्योंकि कीमतें बदल सकती हैं।
  • बाज़ार की सुबह

    बुधवार या शनिवार को प्लास सेंट-पियेर जाएँ, जब बाज़ार सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक लगता है। छोटी खरीदारी के लिए थोड़ा नकद साथ रखें और शारांत के खरबूजे, शाबीशू बकरी-पनीर तथा गालेट शारांतैज़ खोजें।
  • पहले अभिवादन करें

    दुकान में प्रवेश करते समय या बातचीत शुरू करते हुए “बोंजूर, मादाम” या “बोंजूर, मेस्यू” कहें। छोटे रेस्तराँ और बेकरी में अभिवादन करने से अंग्रेज़ी में की गई विनती का स्वागत बेहतर हो सकता है।
  • सुहाने महीने चुनें

    मई, जून और सितंबर में पैदल घूमने और साइकिल चलाने के लिए मौसम अच्छा रहता है और गर्मियों के बीच की तुलना में बहुत गर्म दिन कम होते हैं। जुलाई सैंत उत्सव का महीना है, लेकिन तापमान 30°C से ऊपर जा सकता है।
  • अपने सामान का ध्यान रखें

    सैंत को आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है, फिर भी भीड़भाड़ वाली बाज़ार की सुबह और गर्मियों के उत्सवों में अपना सामान पास रखें। देर रात रेलवे स्टेशन के आसपास और कम रोशनी वाली बाहरी गलियों में सामान्य सावधानी बरतें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या फ़्रान्स का सैंत घूमने लायक है?

हाँ, खासकर यदि आपकी रुचि रोमन अवशेषों और रोमानस्क स्थापत्य में है। सैंत में पहली सदी का रंगभूमि-गृह और जर्मैनिकस का मेहराब, सेंट-यूट्रोप बेसिलिका की विशाल तहख़ाना-गुफा के साथ, नदी किनारे बसे इस छोटे शहर में देखे जा सकते हैं।

सैंत में कितने दिन बिताने चाहिए?

मुख्य रोमन स्थलों, पुराने शहर और मठ को देखने के लिए दो दिन रखें। तीसरे दिन शारांत नदी की सैर, संग्रहालय में लंबा समय बिताने या ला फ्लो वे़लो पर साइकिल चलाने का समय मिल जाएगा।

रेल से सैंत कैसे पहुँचें?

क्षेत्रीय तेर रेलगाड़ियाँ सैंत को बॉर्दो, ला रोशेल, रोयाँ, आंगूलेम और नियोर से जोड़ती हैं। पेरिस से आने में नियोर या आंगूलेम में रेल बदलकर लगभग 3–3.5 घंटे लगते हैं; टिकट बुक करने से पहले मौजूदा समय-सारणी देख लें।

क्या सैंत में कार के बिना घूम सकता हूँ?

हाँ। ऐतिहासिक केंद्र छोटा है और मुख्य स्मारकों के बीच पैदल लगभग 15–20 मिनट लगते हैं; बस स्थानीय बसें स्टेशन को केंद्र और शहर के अन्य हिस्सों से जोड़ती हैं।

क्या सैंत पर्यटकों के लिए सुरक्षित है?

सैंत आम तौर पर पर्यटकों के लिए सुरक्षित है, अकेले यात्रा करने वालों के लिए भी। भीड़भाड़ वाले बाज़ारों और त्योहारों में कीमती सामान का सामान्य ध्यान रखें और देर रात स्टेशन के पास सतर्क रहें।

सैंत में बस टिकट की कीमत कितनी है?

सूची में दी गई बस की सामान्य एकल यात्रा की टिकट की कीमत €1.20 है; मांग पर मिलने वाली आलो’बस सेवा के लिए €0.20 अतिरिक्त शुल्क लगता है। यात्रा से पहले बस की वेबसाइट पर मौजूदा किराया जाँच लें।

घूमने की सभी जगहें.

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सेंटेस कैथेड्रल
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Église Saint-Pallais De Saintes

सेंट्स स्टेशन
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फ़ोटो क्रेडिट (4)
  1. Saintes — Cobber17 — CC BY-SA 3.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/3.0/) — स्रोत: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Saintes.jpg
  2. 09 NAQ - Charente-Maritime - Saintes - La cathédrale Saint-Pierre (2017-05-02 15-33-47) — Johan Allard — CC BY-SA 4.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0/) — स्रोत: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:09_NAQ_-_Charente-Maritime_-_Saintes_-_La_cathédrale_Saint-Pierre_(2017-05-02_15-33-47).jpg
  3. 2015-Saintes 02 — Salix — CC BY-SA 4.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0/) — स्रोत: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:2015-Saintes_02.JPG
  4. Autoroute A10 à Saintes — Cobber17 — CC BY 3.0 (https://creativecommons.org/licenses/by/3.0/) — स्रोत: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Autoroute_A10_à_Saintes.jpg

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