परिचय
जिस शहर की रक्षा में तादेयूश कोसियूशको ने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था, उसी शहर को उनके सम्मान में एक स्मारक बनाने में दो सदियाँ लग गईं। सात अलग-अलग कमेटियाँ बनीं, और सातों नाकाम रहीं। वारसॉ के प्लाक ज़ेलाज़नेज ब्रामी (Plac Żelaznej Bramy) में आज जो कांस्य प्रतिमा खड़ी है, वह 2010 में जाकर बनी—यानी यह अठारहवीं सदी के नायक का स्मारक एक आईफोन से भी नया है।
यह स्मारक वारसॉ की 'सैक्सन एक्सिस' (Saxon Axis) पर स्थित ल्युबोमिरस्की पैलेस के सामने खड़ा है। यह वाशिंगटन डी.सी. के लाफायेट स्क्वायर में 1910 से मौजूद प्रतिमा की एक सटीक नकल है। गौर कीजिए, इस अमेरिकी प्रतिमा के एक पूरे सौ साल बाद वारसॉ में इसकी प्रतिकृति लग पाई।
आप यहाँ सिर्फ एक पोलिश-अमेरिकी क्रांतिकारी की मूर्ति नहीं देख रहे हैं। इस जगह पर 1991 तक साम्यवादी शासन का एक स्मारक था, जिसे गिराने के बाद यह स्थान दो दशकों तक खाली रहा—वारसॉ के इस मुख्य मार्ग के बीचों-बीच एक गहरा सन्नाटा।
यहाँ आने का असली कारण इतिहास की वह कशमकश है, न कि सिर्फ धातु की मूर्ति। यह जगह 24 घंटे खुली रहती है और प्रवेश पूरी तरह मुफ्त है। अगर आप बस से आ रहे हैं, तो 'क्रूलेव्स्का' (Królewska) स्टॉप पर उतरें, यहाँ से पैदल दूरी सिर्फ 4 मिनट है। रतुश अर्सेनाल (Ratusz Arsenał) मेट्रो स्टेशन से यहाँ पहुँचने में करीब 10-12 मिनट लगते हैं।
क्या देखें
कांस्य प्रतिमा की बारीकियां
तादेयूश कोसियूशको की यह प्रतिमा पोलैंड के लंबे संघर्ष और इतिहास की एक गवाह है। 10 मीटर ऊंचे इस स्मारक के केंद्र में, कोसियूशको अपनी अमेरिकी कॉन्टिनेंटल आर्मी की वर्दी और त्रिकोणीय टोपी में दिखाई देते हैं, जिनके हाथ में वेस्ट पॉइंट के किलाबंदी के नक्शे हैं। यह वाशिंगटन डी.सी. की उसी प्रतिमा की सटीक प्रतिकृति है, जिसे अन्ना और वोज्शिएक सिएक ने तैयार किया था। इसके आधार पर दो महत्वपूर्ण आकृतियां हैं: दाईं ओर एक 'कोसिनियर' (हंसिया लिए किसान) जो 1794 की राक्लाविस की लड़ाई को दर्शाता है, और बाईं ओर साराटोगा की जीत का प्रतीक। 16 नवंबर 2010 को इसका अनावरण हुआ, जो पोलैंड के सैन्य इतिहास के डेढ़ सौ वर्षों का एक मूक दस्तावेज़ है। मेरी सलाह है कि इसके चारों ओर घूमें; हर कोण से यह प्रतिमा अलग कहानी कहती है, विशेषकर वह हंसिया लिए किसान, जो बेहद प्रभावशाली है।
आयरन गेट स्क्वायर और लुबोमिरस्की पैलेस
प्लाक ज़ेलेज़्नेज ब्रामी (आयरन गेट स्क्वायर) का नाम उस द्वार की याद दिलाता है जो 18वीं सदी में सैक्सन गार्डन का प्रवेश द्वार हुआ करता था। इस जगह का इतिहास काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। स्मारक के ठीक पीछे लुबोमिरस्की पैलेस है, जिसे 1970 में इंजीनियरिंग के एक अद्भुत कारनामे के तहत 74 डिग्री घुमाया गया था ताकि सड़क चौड़ी हो सके—16 पटरियों पर 8,000 टन की इमारत को धीरे-धीरे खिसकाना कोई छोटी बात नहीं थी। 1991 तक यहाँ कम्युनिस्ट युग का एक स्मारक खड़ा था, जिसके हटने के बाद यह जगह खाली पड़ी थी। आज यहाँ सुबह की हल्की धूप में कांस्य की चमक और पास के 'हाला मिरोव्स्का' बाजार की हलचल का मेल देखने लायक होता है।
सैक्सन एक्सिस की सैर
यह स्मारक वारसॉ की मुख्य औपचारिक 'सैक्सन एक्सिस' पर स्थित है। यदि आप इतिहास को गहराई से समझना चाहते हैं, तो यहाँ से पूर्व की ओर रॉयल कैसल तक पैदल चलें। रास्ते में 1727 में बना सैक्सन गार्डन और 'टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर' पड़ते हैं। यह 1.2 किलोमीटर का रास्ता वारसॉ की तीन शताब्दियों की कहानी कहता है। मेरी राय में, सुबह का समय इसके लिए सबसे उपयुक्त है, जब भीड़ कम होती है और आप बिना किसी शोर-शराबे के उन शिलालेखों को पढ़ सकते हैं जो बर्क जोसेलेविच की यहूदी घुड़सवार रेजिमेंट और 303 आरएएफ स्क्वाड्रन जैसे गौरवशाली इतिहास को बयां करते हैं।
फोटो गैलरी
तस्वीरों में तादेयूश कोसियूशको स्मारक का अन्वेषण करें
ऐतिहासिक Tadeusz Kościuszko Monument वारसॉ, पोलैंड के एक सुंदर पार्क में साफ नीले आकाश के नीचे प्रमुखता से खड़ा है।
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वारसॉ, पोलैंड में स्थित Tadeusz Kościuszko Monument के ऊपर कांस्य ईगल मूर्तिकला का विस्तृत दृश्य।
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कांस्य Tadeusz Kościuszko Monument वारसॉ, पोलैंड में प्रमुखता से खड़ा है, जिसे स्मारक फूलों के हार से सजाया गया है।
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Tadeusz Kościuszko की एक कांस्य मूर्ति वारसॉ, पोलैंड में ग्रेनाइट पेडस्टल पर प्रमुखता से खड़ी है, जो राष्ट्रीय नायक को याद करती है।
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कांस्य Tadeusz Kościuszko Monument वारसॉ, पोलैंड में प्रमुखता से खड़ा है, जिसके आधार पर कई फूलों के हार सजाए गए हैं।
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वारसॉ, पोलैंड में Tadeusz Kościuszko Monument का विस्तृत दृश्य, जो एक गिरे हुए सैनिक के नाटकीय दृश्य को दर्शाता है।
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Tadeusz Kościuszko Monument वारसॉ, पोलैंड में नियोक्लासिकल महल के सामने प्रमुखता से खड़ा है, जो स्मारक फूलों के हार से सजा है।
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पोलैंड के राष्ट्रीय नायक Tadeusz Kościuszko की कांस्य मूर्ति का विस्तृत दृश्य, जो वारसॉ में अपने पत्थर के पेडस्टल पर गर्व से खड़ी है।
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ऐतिहासिक Tadeusz Kościuszko Monument वारसॉ, पोलैंड में एक भव्य नियोक्लासिकल इमारत के सामने प्रमुखता से खड़ा है।
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वारसॉ, पोलैंड में Tadeusz Kościuszko Monument के ऊपर कांस्य ईगल और सांप की मूर्तिकला का विस्तृत दृश्य।
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कांस्य Tadeusz Kościuszko Monument वारसॉ के एक चौक में प्रमुखता से स्थित है, जो बादल वाले आकाश के नीचे एक भव्य नियोक्लासिकल इमारत से घिरा हुआ है।
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एक घायल साथी की सहायता करते हुए एक सैनिक को दर्शाती विस्तृत कांस्य मूर्तिकला, जो वारसॉ, पोलैंड में ऐतिहासिक Tadeusz Kościuszko Monument का हिस्सा है।
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स्मारक के आधार पर गौर से देखें—वहाँ सिटीबैंक हैंडलोवी का लोगो उकेरा गया है। यह उस 10 लाख ज़्लॉटी के दान की शर्त थी जिसने इस स्मारक को हकीकत बनाया। यह एक ऐसा विवादास्पद विवरण है जिसे ज़्यादातर पर्यटक बिना देखे ही गुज़र जाते हैं।
आगंतुक जानकारी
कैसे पहुँचें
तादेयूश कोसियूशको का यह स्मारक वारसॉ के 'प्लात्स जेलाज़नेज ब्रामी' (आयरन गेट स्क्वायर) में स्थित है। यहाँ पहुँचने के लिए बस नंबर 116, 175, 190, 503 या 518 लें और 'क्रूलेव्स्का' स्टॉप पर उतरें, जहाँ से स्मारक केवल 4 मिनट की पैदल दूरी पर है। ट्राम से आने वाले यात्री 4, 15 या 17 नंबर लेकर 'हाला मिरोव्स्का' उतर सकते हैं। मेट्रो का उपयोग करने वालों के लिए 'रातुश आर्सिनाल' (M1) या 'स्विएंतोक्ज़िस्का' (M1/M2) स्टेशन सबसे करीब हैं, जहाँ से 10-12 मिनट की पैदल सैर करके आप यहाँ पहुँच सकते हैं।
खुलने का समय
यह स्मारक एक खुले सार्वजनिक चौक पर स्थित है, इसलिए यह साल के 365 दिन, 24 घंटे खुला रहता है। यहाँ प्रवेश के लिए कोई टिकट नहीं है। रात के समय भी चौक पर रोशनी रहती है, इसलिए देर शाम यहाँ टहलना एक अच्छा अनुभव हो सकता है।
कितना समय लगेगा
यदि आप केवल स्मारक को देखना और शिलालेख पढ़ना चाहते हैं, तो 10 मिनट पर्याप्त हैं। लेकिन यदि आप इत्मीनान से तस्वीरें लेना चाहते हैं या पास की बेंच पर बैठकर इस ऐतिहासिक चौक के माहौल को महसूस करना चाहते हैं, तो 20 मिनट का समय रखें। यह एक शांत जगह है, न कि कोई ऐसी जगह जहाँ घंटों बिताने की आवश्यकता हो।
सुगम्यता
स्मारक पूरी तरह से समतल और पक्के फर्श वाले चौक पर स्थित है। यहाँ कोई सीढ़ियाँ या बाधाएँ नहीं हैं, जिससे व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले लोग आसानी से इसके चारों ओर घूम सकते हैं। बस चौक के बाहरी किनारों पर कुछ जगहों पर पुराने पत्थर (cobblestones) थोड़े ऊबड़-खाबड़ हो सकते हैं, वहाँ थोड़ा सावधान रहें।
आगंतुकों के लिए सुझाव
तस्वीरें लेने के सुझाव
सुबह के समय दक्षिण-पूर्व दिशा से फोटो खींचना सबसे अच्छा रहता है। इस समय सूरज की रोशनी कांस्य (bronze) पर पड़ती है और पीछे स्थित लुबोमिरस्की पैलेस एक शानदार बैकग्राउंड देता है। स्मारक वारसॉ की 'सैक्सन एक्सिस' की सीध में है, इसलिए उस रेखा से ली गई तस्वीर सबसे प्रभावशाली आती है।
आस-पास घूमना
जेलाज़नेज ब्रामी चौक के पास ही 'हाला मिरोव्स्का' (19वीं सदी का बाजार) और पोलैंड का सबसे पुराना सार्वजनिक पार्क 'सैक्सन गार्डन' है। इन तीनों जगहों को मिलाकर आप 90 मिनट की एक शानदार पैदल यात्रा पूरी कर सकते हैं।
आस-पास भोजन
स्मारक से मात्र 2 मिनट की दूरी पर 'हाला मिरोव्स्का' और 'हाला ग्वार्दी' हैं, जहाँ आप स्थानीय पोलिश 'पिएरोगी' से लेकर क्राफ्ट बर्गर तक का आनंद ले सकते हैं। यदि आप थोड़ा शाही अनुभव चाहते हैं, तो पास की विएर्ज़बोवा सड़क पर 'एलिक्सिर बाय डोम वोडकी' में पोलिश व्यंजनों का स्वाद ले सकते हैं, जहाँ प्रति व्यक्ति खर्च लगभग 80-120 PLN तक हो सकता है।
शिलालेख के पीछे का सच
यहाँ का शिलालेख आपको एक दिलचस्प बात नहीं बताएगा: वारसॉ को इस स्मारक के लिए 200 साल इंतजार करना पड़ा। 1817 से 2003 के बीच सात अलग-अलग समितियों ने कोशिश की, लेकिन धन की कमी और राजनीतिक बाधाओं के कारण काम नहीं हो सका। 2009 में सिटीबैंक हैंडलोवी की मदद से यह संभव हुआ। यह विडंबना ही है कि जिस शहर के लिए कोसियूशको ने 1794 में लड़ाई लड़ी, वही उन्हें सम्मानित करने वाला अंतिम बड़ा पोलिश शहर बना।
आने का सबसे अच्छा समय
हफ़्ते के दिनों में देर दोपहर का समय सबसे अच्छा होता है जब दफ्तर जाने वाली भीड़ कम हो जाती है और ढलती धूप में कांस्य की मूर्ति चमकती है। 11 नवंबर (पोलिश स्वतंत्रता दिवस) के आसपास यहाँ न आएं, क्योंकि तब यहाँ भीड़ और सरकारी समारोहों के कारण काफी हलचल रहती है।
ऐतिहासिक संदर्भ
दो सदियों से खाली चबूतरे
पहला प्रस्ताव 1817 में, कोसियूशको की मृत्यु के तुरंत बाद आया था। तब वारसॉ रूसी कब्जे में था, और वे उस व्यक्ति का स्मारक कैसे बनने देते जिसने उनके खिलाफ विद्रोह किया था? यही कारण रहा कि अगली सात कमेटियाँ विफल होती रहीं।
हर पीढ़ी ने कोशिश की, लेकिन सेंसरशिप, युद्ध और साम्यवादी उदासीनता ने इसे रोके रखा। जिस शहर को उन्होंने अपनी जान से ज्यादा चाहा, वही शहर उनके लिए स्मारक बनाने वाला आखिरी यूरोपीय राजधानी बना।
कोसियूशको की अंतिम लड़ाई और वारसॉ का लंबा इंतज़ार
4 अप्रैल 1794 को, तादेयूश कोसियूशको ने पोलैंड पर रूसी नियंत्रण के खिलाफ विद्रोह छेड़ा। वे एक सैन्य इंजीनियर थे जिन्होंने जॉर्ज वाशिंगटन के लिए वेस्ट पॉइंट की किलेबंदी की थी। उन्होंने किसानों और सैनिकों का एक दस्ता बनाया, जिन्हें धान काटने वाली दरांती (scythe) थमाई गई थी। उन्होंने रास्लाविस की लड़ाई में जीत हासिल की और फिर वारसॉ की ओर रुख किया।
वारसॉ उनके नाम पर उठ खड़ा हुआ। 17 अप्रैल को नागरिकों ने रूसी गैरीसन पर हमला कर दिया। हालांकि कोसियूशको खुद उस लड़ाई में नहीं थे, लेकिन शहर उनके झंडे तले लड़ा। अक्टूबर में वे युद्ध के मैदान में घायल हुए और रूसी सेना ने उन्हें कैद कर लिया। अगले साल पोलैंड का नक्शे से नामो-निशान मिटा दिया गया।
विडंबना देखिए: वाशिंगटन डी.सी. में 1910 में मूर्ति लग गई, क्राको में 1900 से थी, यहाँ तक कि स्विट्जरलैंड के छोटे से कस्बे में भी उनके नाम का पत्थर लगा है। लेकिन वारसॉ, जिसने उनके लिए खून बहाया, उसने 16 नवंबर 2010 तक इंतज़ार किया। यह 200 साल का अंतर सिर्फ कागजी नहीं, बल्कि पोलैंड के इतिहास का एक कड़वा सच है।
आयरन गेट स्क्वायर का साया
कोसियूशको के घोड़े के नीचे की यह ज़मीन पहले एक अलग ही कहानी कहती थी। 1980 के दशक में, साम्यवादी शासन ने यहाँ 'पोलिश जनवादी गणराज्य के रक्षकों' की याद में एक स्मारक बनाया था। 1991 में साम्यवाद के पतन के बाद उसे ढहा दिया गया। अगले 19 सालों तक यह चबूतरा खाली रहा—यह शहर की याददाश्त का एक ऐसा खालीपन था जो कोसियूशको को सम्मानित करने में हुई दो सदियों की देरी को आईने की तरह दिखाता था।
बैंक के पैसों से बना नायक
इस काम में सरकारी तंत्र से ज्यादा एक कॉर्पोरेट बैंक ने भूमिका निभाई। 2009 में सिटीबैंक हैंडलोवी (Citibank Handlowy) ने 10 लाख ज़्लॉटी (लगभग 2.5 लाख यूरो) दिए, लेकिन दो शर्तों पर: प्रतिमा वाशिंगटन वाली मूल मूर्ति की हूबहू नकल होनी चाहिए और बैंक का लोगो उस पर दिखना चाहिए। वारसॉ नगर परिषद ने भी 9 लाख से अधिक ज़्लॉटी मिलाए। ग्लिवित्से की एक औद्योगिक कारखाने में इसे ढालकर तैयार किया गया। दो सदियों की सरकारी विफलता को अंततः कॉर्पोरेट धन ने पूरा किया।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या वारसॉ में तादेयूश कोसियूशको स्मारक देखने जाना फायदेमंद है? add
हाँ, लेकिन इसकी मूर्ति से कहीं ज्यादा दिलचस्प इसकी कहानी है। वारसॉ को इस स्मारक के लिए 200 साल तक इंतजार करना पड़ा। 1817 से 2003 के बीच सात अलग-अलग समितियों ने कोशिश की, लेकिन विदेशी सत्ता और पैसों की तंगी के कारण सब नाकाम रहीं। अंत में, यह वाशिंगटन डी.सी. में लगी मूर्ति की एक हूबहू नकल है। यह एक अजीब विडंबना है कि पोलैंड की राजधानी को अपने ही राष्ट्रीय नायक की मूर्ति के लिए अमेरिका की ओर देखना पड़ा।
क्या कोसियूशको स्मारक को मुफ्त में देखा जा सकता है? add
यह पूरी तरह से मुफ्त है और आप दिन के 24 घंटे कभी भी यहाँ आ सकते हैं। यह स्मारक प्लाक ज़ेलज़नेज ब्रामी (Plac Żelaznej Bramy) के खुले मैदान में स्थित है, जहाँ कोई टिकट या बाड़ नहीं है। इसे किसी खास यात्रा का मुख्य केंद्र बनाने के बजाय, शहर में घूमते हुए एक छोटे पड़ाव की तरह शामिल करना बेहतर है।
वारसॉ शहर के केंद्र से कोसियूशको स्मारक तक कैसे पहुँचें? add
यदि आप बस से आ रहे हैं, तो 116, 175 या 503 नंबर लें और 'क्रुलेव्स्का' (Królewska) स्टॉप पर उतरें, जहाँ से यह चार मिनट की पैदल दूरी पर है। ट्राम 4, 15 या 17 लेकर 'हाला मिरोव्स्का' (Hala Mirowska) उतरें, यहाँ से 7 मिनट का रास्ता है। अगर आप मेट्रो लेना चाहें, तो 'रातूश अरसेनाल' (M1) या 'श्विएतोक्रज़िस्का' (M1/M2) स्टेशन से 10-12 मिनट में पैदल यहाँ पहुँच सकते हैं।
कोसियूशको स्मारक पर कितना समय बिताना चाहिए? add
यहाँ के लिए 10 से 15 मिनट काफी हैं। कांसे की यह मूर्ति देखने में प्रभावशाली है, लेकिन बहुत जटिल नहीं है। इसकी पट्टिकाओं पर लिखे इतिहास को पढ़ें, सक्सोन एक्सिस (Saxon Axis) के माहौल को महसूस करें और फिर आगे बढ़ें। पास ही स्थित लुबोमिरस्की पैलेस के सामने इसकी तस्वीर लेना एक अच्छा अनुभव हो सकता है।
कोसियूशको स्मारक का इतिहास क्या है? add
कोसियूशको के निधन (1817) के तुरंत बाद ही इसे बनाने की योजना बनी थी, लेकिन इसे हकीकत में बदलने में 16 नवंबर 2010 तक का समय लग गया। दो शताब्दियों तक राजनीति और धन की कमी आड़े आती रही। सफलता तब मिली जब सिटीबैंक हैंडलोवी (Citibank Handlowy) ने 10 लाख ज़्लॉटी दान किए, लेकिन एक शर्त के साथ—मूर्ति बिल्कुल वाशिंगटन डी.सी. वाली होनी चाहिए और उस पर बैंक का लोगो भी होगा।
कोसियूशको स्मारक वाली जगह पर पहले क्या था? add
1980 के दशक तक यहाँ 'पोलिश पीपुल्स रिपब्लिक' के बचाव में प्राण देने वालों का एक स्मारक हुआ करता था। 1991 में शासन बदलने के बाद उसे तोड़ दिया गया। उसके बाद करीब 20 साल तक यह जगह खाली पड़ी रही, जब तक कि 2010 में कोसियूशको की यह प्रतिमा यहाँ स्थापित नहीं हुई।
वारसॉ का कोसियूशको स्मारक वाशिंगटन वाली मूर्ति की नकल क्यों है? add
यहाँ पैसा ही निर्णायक रहा। सिटीबैंक हैंडलोवी ने तभी पैसा दिया जब मूर्ति को वाशिंगटन के मूल स्मारक (जिसे एंटोनी पॉपियल और काज़िमिएर्ज़ चोडज़िंस्की ने बनाया था) की सटीक प्रतिलिपि बनाया गया। कांसे के हिस्से ग्लिवित्से (Gliwice) में ढाले गए। नतीजा यह है कि वारसॉ में खड़ा यह पोलिश नायक, वाशिंगटन के लाफायेट पार्क के लिए बनी मुद्रा में दिखाई देता है।
कोसियूशको स्मारक में क्या देखना नहीं भूलना चाहिए? add
मूर्तिकला के आधार पर बने सिटीबैंक के लोगो को ध्यान से देखें—यह 200 साल के राष्ट्रीय इंतजार पर कॉर्पोरेट मुहर जैसा है। थोड़ा पीछे हटकर सक्सोन एक्सिस के साथ इसके संरेखण को देखें; पीछे खड़ा लुबोमिरस्की पैलेस इस मूर्ति को एक शाही भव्यता प्रदान करता है।
स्रोत
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verified
विकिपीडिया (अंग्रेज़ी) — Tadeusz Kościuszko Monument, Warsaw
बुनियादी तथ्य, अनावरण की तारीख, फाउंड्री का विवरण, साम्यवादी-युग के पूर्ववर्ती स्मारक का इतिहास
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verified
विकिपीडिया (पोलिश) — Pomnik Tadeusza Kościuszki w Warszawie
Citibank Handlowy द्वारा वित्तपोषण, नगर परिषद का योगदान, आधारशिला की तारीख और कास्टिंग स्थान को कवर करने वाला विस्तृत पोलिश-भाषा लेख
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verified
Dzieje.pl
वारसॉ में Tadeusz Kościuszko स्मारक बनाने के 200 साल के प्रयासों का ऐतिहासिक संदर्भ, जिसमें सात क्रमिक समितियां और 2003 का संघ शामिल है
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verified
Portal Samorządowy
स्मारक संघ द्वारा सामना की गई फंडिंग कठिनाइयों और Citibank Handlowy प्रायोजन सौदे पर रिपोर्टिंग
अंतिम समीक्षा: